असम के श्रीभूमि जिले में दिल्ली के निर्भया कांड को दोहराया गया है। एक यात्री बस में हिन्दू लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म का प्रयास किया गया। पीड़िता का आरोप है कि उसे अकेला पाकर जालीदार नमज़ी टोपी पहने हुए बस चालक, हैंडिमेन और दो अन्य आरोपियों ने मिलकर उसपर भेड़ियों की तरह हमला कर दिया।
जब वह खुद को बचाने में सफल रही, तो उसे मरने के लिए चलती बस से बाहर फेंक दिया गया। इस शर्मनाक घटना के बाद श्रीभूमि के स्थानीय लोग और हिन्दू रक्षा दल के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और ASTC पॉइंट पर सड़क जाम कर प्रदर्शन करने लगे। घटना बीते मंगलवार (1 अप्रैल 2025) रात की है।
चलती बस में दरिंदगी, सूझबूझ से बची जान
पीड़िता बदरपुर घाट से चरगोलाल जाने के लिए बस में सवार हुई थी। बस में सिर्फ चार ही लोग मौजूद थे- बस चालक, हैंडिमेन और दो अन्य यात्री। बस के अंदर इन चारों ने लड़की के साथ दुष्कर्म की कोशिश की, लेकिन लड़की ने हिम्मत दिखाई और अपने परिवार को मोबाइल लोकेशन भेज दी। घबराए आरोपियों ने लड़की को बस से नीचे फेंक दिया।
घटना 6 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग के पास औरंगाबाद में हुई, जहां स्थानीय लोगों ने लड़की को घायल अवस्था में देखा और उसे तुरंत करीमगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। बता दें कि यह क्षेत्र बांग्लादेश बॉर्डर से सटा इलाका है, जिसे अवैध घुसपैठियों ने अपना गढ़ बनाया हुआ है। घुसपैठिय यहाँ तमाम तरह के छोटे-मोठे काम करते है जिसकी आड़ में अपराध को अंजाम दिया जाता है।
आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, श्रीभूमि में तनावपूर्ण माहौल
इस जघन्य अपराध के बाद श्रीभूमि जिले में तनाव बढ़ गया है। स्थानीय लोग और हिन्दू रक्षा दल के कार्यकर्ता आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और फांसी जैसी कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है, लेकिन पुलिस अभी तक अपराधियों को पकड़ने में असफल रही है। पूरे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, और जनता पुलिस प्रशासन से तुरंत न्याय की मांग कर रही है।
पुलिस की लापरवाही पर उठे सवाल, आरोपियों की गिरफ्तारी कब?
घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी असम पुलिस अभी तक चारों आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस ने जल्द से जल्द कार्रवाई नहीं की, तो विरोध प्रदर्शन और उग्र हो सकता है। इस घटना ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस कब तक दोषियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई करती है।