फुलेरा दूज, फाल्गुन माह की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो विशेष रूप से भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी की पूजा के लिए जाना जाता है। इस दिन से होली के उत्सव की शुरुआत मानी जाती है, और इसे अबूझ मुहूर्त के रूप में देखा जाता है, जिससे विवाह जैसे मांगलिक कार्य बिना किसी ज्योतिषीय गणना के संपन्न किए जाते हैं। तो जानिए शुभ मुहूर्त और महत्व।
फुलेरा दूज 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त
इस वर्ष फुलेरा दूज 1 मार्च 2025, दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि 1 मार्च को रात 3:16 बजे से शुरू होकर 2 मार्च को रात 12:09 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार, 1 मार्च को फुलेरा दूज मनाना उचित होगा।
शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:10 बजे से 12:57 बजे तक
प्रातः संध्या: सुबह 5:32 बजे से 6:46 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:29 बजे से 3:16 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:19 बजे से 6:43 बजे तक
त्रिपुष्कर योग: सुबह 6:46 बजे से 11:22 बजे तक
फुलेरा दूज का महत्व
फुलेरा दूज को अबूझ मुहूर्त माना जाता है, जिससे इस दिन विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य बिना किसी ज्योतिषीय गणना के संपन्न किए जाते हैं। इस दिन भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि और प्रेम संबंधों में मजबूती आती है।
पूजा विधि
स्नान और वस्त्र: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
मंदिर की सफाई: घर के मंदिर को साफ करें और गंगाजल का छिड़काव करें।
श्रृंगार: भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी की मूर्तियों को फूलों से सजाएं और गुलाल अर्पित करें।
भोग अर्पण: सफेद मिठाई, पंचामृत और मिश्री का भोग अर्पित करें।
मंत्र जाप: भगवान के मंत्रों का जाप करें और आरती करें।