प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि भारत के युवाओं की ऊर्जा और शक्ति से देश का विकास संभव है। उन्होंने आगामी 25 वर्षों में भारतीय युवाओं की भूमिका को लेकर आशा व्यक्त की और कहा कि वे ही भारत के भविष्य को आकार देंगे। यह वक्तव्य पीएम मोदी ने दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'विकसित भारत युवा नेता संवाद 2025' के दौरान दिया।
स्वामी विवेकानंद के विचारों का महत्व
स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद को भारतीय युवाओं पर गहरा विश्वास था। मोदी ने कहा, "स्वामी विवेकानंद जी ने हमेशा भारत के युवाओं की शक्ति पर विश्वास किया था और उन्होंने हर चुनौती का सामना करने की क्षमता को पहचाना था। मैं भी भारत के युवाओं के प्रति उनके विश्वास को पूरी तरह से साझा करता हूं।"
G-20 शिखर सम्मेलन का जिक्र
पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम के दौरान जी-20 शिखर सम्मेलन का भी उल्लेख किया, जो सितंबर 2023 में भारत मंडपम में आयोजित हुआ था। उन्होंने कहा, "यह वही जगह है जहां दुनियाभर के नेता वैश्विक भविष्य पर चर्चा कर रहे थे, और अब यहीं भारतीय युवा अगले 25 वर्षों के लिए रोडमैप तैयार कर रहे हैं।"
युवा एथलीटों से मुलाकात का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने सितंबर 2024 में युवा एथलीटों के साथ अपनी मुलाकात का भी जिक्र किया, जिसमें एक युवा खिलाड़ी ने कहा था, "मोदी जी, आप दुनिया के पीएम हो सकते हैं, लेकिन हमारे लिए आप सबसे अच्छे मित्र हैं।" इस संवाद से प्रधानमंत्री ने भारतीय युवाओं के प्रति अपनी मित्रवत और प्रेरणादायक दृष्टिकोण को साझा किया।
भारत को एक शक्तिशाली राष्ट्र बनाने की दिशा में विश्वास
प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि वह भारत के युवाओं की शक्ति में पूरी तरह से विश्वास करते हैं और उनका मानना है कि इसी ताकत से भारत एक विकसित राष्ट्र बन सकता है। उन्होंने कहा, "कुछ लोग सोच सकते हैं कि यह एक असंभव लक्ष्य है, लेकिन मेरा विश्वास है कि यह संभव है। यदि हमारे हर निर्णय और नीति में विकसित भारत का विजन होगा, तो कोई भी ताकत हमें इसे हासिल करने से रोक नहीं सकती।" प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि एक विकसित भारत केवल आर्थिक, सामरिक और सामाजिक दृष्टिकोण से ही सशक्त नहीं होगा, बल्कि सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी अत्यधिक समृद्ध होगा।