गुवाहाटी स्थित आशा स्कूल नारंगी में विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस को उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर बच्चों की विशिष्टता को स्वीकार करने और उन्हें समावेशी एवं सहयोगी वातावरण प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश था कि हर बच्चा अनोखा होता है और उसे अपनी क्षमताओं को विकसित करने के लिए समान अवसर मिलना चाहिए।
गवर्नर लक्ष्मण प्रसाद आचार्य रहे मुख्य अतिथि
इस आयोजन में असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उनके साथ लेफ्टिनेंट जनरल संजय मलिक (SM), जीओसी 101 एरिया और मेजर जनरल आर.डी. शर्मा, जीओसी 51 सब एरिया भी उपस्थित रहे। इन गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने समावेशिता और ऑटिज्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को और बल दिया।
विशेष बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में दिखाई प्रतिभा
कार्यक्रम में आशा स्कूल नारंगी के 60 विशेष बच्चों ने भाग लिया, जो अपने माता-पिता और शिक्षकों के साथ शामिल हुए। इस अवसर का मुख्य आकर्षण बच्चों द्वारा प्रस्तुत किया गया सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। विशेष बच्चों ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति का प्रदर्शन किया, जिससे यह साबित हुआ कि किसी भी चुनौती के बावजूद वे अपने सपनों को साकार करने की क्षमता रखते हैं।
ऑटिज्म जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण कदम
इस कार्यक्रम ने ऑटिज्म को लेकर जागरूकता बढ़ाने, सहानुभूति विकसित करने और विशेष बच्चों को आत्मनिर्भर एवं सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाई। यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं था, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और समावेशिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास था।