बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे लगातार हमलों ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है। संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका ने इस स्थिति को लेकर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से कड़े कदम उठाने की अपील की है। इस हिंसा के बढ़ते मामलों के मद्देनजर, संयुक्त राष्ट्र ने ढाका से आग्रह किया है कि वह देश के सभी नागरिकों के मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
अमेरिका और बांग्लादेश के अधिकारियों के बीच बातचीत
इस मुद्दे पर अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जेक सुलिवन और बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस के बीच फोन पर वार्ता हुई। व्हाइट हाउस द्वारा जारी बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने यह सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई कि सभी नागरिकों के मानवाधिकारों का सम्मान और रक्षा की जाएगी, चाहे वे किसी भी धर्म के हों। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया चल रही है और डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों में वृद्धि
हाल ही में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हमलों में तेजी आई है। विशेष रूप से, बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद इस तरह की घटनाओं में इजाफा हुआ है। बांग्लादेश सरकार पर आरोप है कि वह अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है।
व्हाइट हाउस ने 13 दिसंबर को बयान जारी कर कहा था कि राष्ट्रपति जो बाइडन बांग्लादेश की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखे हुए हैं और अमेरिका बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग करेगा।
बांग्लादेश सरकार से कठोर कदम उठाने की अपील
अमेरिका के भारतीय अमेरिकी सांसद श्री थानेदार ने हाल ही में व्हाइट हाउस से बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों के खिलाफ ठोस कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अमेरिका को पीड़ितों की आवाज बनकर बांग्लादेश सरकार पर दबाव डालना चाहिए, ताकि हिंदू समुदाय के खिलाफ हो रही हिंसा को रोका जा सके।
मानवाधिकार संगठनों द्वारा चेतावनी
मानवाधिकार संगठन हिंदूएक्शन ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा की कड़ी निंदा की है। संगठन के कार्यकारी निदेशक उत्सव चक्रवर्ती ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश में हालात बहुत खराब हो गए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बांग्लादेश के अंतरिम प्रधानमंत्री मुहम्मद यूनुस अपने सहयोगियों को नियंत्रित करने में विफल रहे हैं, जिनकी वजह से हिंदू समुदाय पर अत्याचार बढ़े हैं। इन हमलों में मंदिरों को जलाने, लोगों की हत्या करने और महिलाओं के साथ बलात्कार जैसी घटनाएं शामिल हैं।
यह स्थिति मानवाधिकार संगठनों और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, और बांग्लादेश से इस समस्या का समाधान निकालने की उम्मीद की जा रही है।