उत्तराखंड के जोशीमठ में एक के बाद एक संकट बढ़ता जा रहा है तो वहीं हिमाचल में भी जमीन धसने का कहर मंडरा रहा है. बता दें कि जोशीमठ में तो लोगों को अपनी जमा पूंजी से बनाए घरों को छोड़कर जाना पड़ रहा है तो हिमाचल में भी लोग डर कर अपने गरों को छोड़कर जाने का प्रबंध कर रहे है.
दरअसल, जोशीमठ में दो होटल के बाद अब एक पूरी कॉलोनी इसकी चपेट में आ गई है, जिसके बाद उस कॉलोनी को ध्वस्त किए जाने का फैसला किया. वहीं जेपी कॉलोनी के निरीक्षण के बाद पाया गया है कि इसे काफी नुकसान पहुंचा है और इसकी मरम्मत नहीं की जा सकती है. साथ ही जमीन धसने की त्रासदी से जूझ रहे उत्तराखंड के जोशीमठ जैसा खतरा हिमाचल में भी मंडरा रहा है.
बता दें कि हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के तीन गांव के लोग इस रूह कपकपाती ठंड में डर के साए में जीने को मजबूर हैं. मामला जिला मंडी के द्रंग विधानसभा क्षेत्र के तहत विकास खंड बालीचौकी ग्राम पंचायत भटवाड़ी का है. यहां की गांव शालानाल में फोरलेन निर्माण कार्य की कटिंग के कारण पहाड़ दरकने से लोगों के घरों में दरारें और गांव को जोड़ने वाला एकमात्र सड़क मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है. वहीं स्थानीय लोगों द्वारा इसका कारण मनाली-चंडीगढ़ फोरलेन निर्माण के लिए हुई पहाड़ की कटिंग बताया जा रहा है.
जानकारी के अनुसार विकास खंड बालीचौकी की ग्राम पंचायत भटवाड़ी के गांव शालानाल में बीते 2 साल से संपर्क सड़क मार्ग टूटने और घरों को दरारें आने से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं स्थानीय लोगों द्वारा इस असुविधा का कारण मनाली-चंडीगढ़ फोरलेन निर्माण के लिए हुई पहाड़ की कटिंग बताया जा रहा है. प्रभावित लोगों द्वारा इस असुविधा को लेकर मंडी प्रशासन और एनएचएआई को शिकायत दी थी जिसके उपरांत एसडीएम बालीचौकी ने मौके का दौरा किया था. लेकिन आज तक समस्या को राहत नहीं मिल पाई है. यह जानकारी सुदर्शन न्यूज को पंचायत समिति सदस्य शोभेराम भारद्वाज ने दी है.