सीमा सड़क संगठन (BRO) ने अद्वितीय उपलब्धि हासिल करते हुए जोज़िला दर्रा मात्र 32 दिनों में खोल दिया है। आज, 01 अप्रैल 2025 को, BRO के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल रघु श्रीनिवासन ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पहला काफिला लद्दाख की ओर रवाना कर दिया। यह दर्रा कश्मीर घाटी को लद्दाख से जोड़ने वाला सबसे महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण पर्वतीय मार्गों में से एक है।
BRO ने किया नामुमकिन को मुमकिन
इस साल पश्चिमी विक्षोभ के कारण 27 फरवरी से 16 मार्च 2025 तक 17 दिनों की लगातार भारी बर्फबारी हुई, जिससे जोज़िला दर्रे पर बर्फ की मोटी परत जमा हो गई और इसे खोलना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया। लेकिन BRO के कर्मियों ने कठोर शीतलहरी, बर्फीली आंधियों और एवलांच-प्रवण इलाके में दिन-रात काम करते हुए मात्र 15 दिनों में (17 मार्च से 31 मार्च) सड़क से बर्फ हटा दी और रिकॉर्ड समय में इसे यातायात के लिए खोल दिया।
जोज़िला दर्रा खोलने से सेना और स्थानीय लोगों को मिलेगी राहत
हर साल जोज़िला दर्रे पर भारी हिमपात के कारण इसे ठंड के महीनों में बंद करना पड़ता है, जिससे न केवल भारतीय सेना की आवाजाही प्रभावित होती है, बल्कि लद्दाख के स्थानीय लोगों को भी व्यापार, चिकित्सा सेवाओं और रोज़मर्रा की जरूरतों के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कुछ दशक पहले जहां यह दर्रा छह महीने तक बंद रहता था, वहीं अब आधुनिक तकनीकों और BRO की अथक मेहनत के कारण इसे कुछ ही हफ्तों में खोल दिया जाता है।
BRO की मेहनत का नतीजा, रिकॉर्ड समय में बहाल हुई कनेक्टिविटी
जोज़िला दर्रा खोलने का यह रिकॉर्ड BRO की प्रतिबद्धता और तकनीकी दक्षता को दर्शाता है। BRO की "प्रोजेक्ट बीकन" (कश्मीर में) और "प्रोजेक्ट विजयक" (लद्दाख में) टीमों ने मिलकर इस कार्य को अंजाम दिया और यह सुनिश्चित किया कि यह सामरिक रूप से महत्वपूर्ण मार्ग जल्द से जल्द सुचारू रूप से चालू हो सके।
BRO की यह उपलब्धि भारतीय सेना, स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों के लिए राहत लेकर आई है, जिससे लद्दाख की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा दोनों को मजबूती मिलेगी।