अमेरिकी प्रशासन ने फेंटेनाइल के उत्पादन में उपयोग होने वाले रसायनों पर चीन के खिलाफ 10 प्रतिशत टैरिफ को दोगुना करने का निर्णय लिया है। यह कदम फेंटेनाइल की तस्करी और उत्पादन पर अंकुश लगाने के लिए उठाया गया है, ताकि अवैध दवाओं की आपूर्ति को रोका जा सके।
चीन की प्रतिक्रिया और बातचीत का आह्वान
चीन के वाणिज्य मंत्री, वांग वेन्ताओ ने इस मुद्दे पर अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि व्यापारिक मतभेदों को संवाद और बातचीत के माध्यम से हल किया जाना चाहिए। चीन का यह कदम व्यापारिक तनाव को कम करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है, हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने फिलहाल टैरिफ बढ़ाने का निर्णय लिया है।
US उपभोक्ताओं पर टैरिफ का असर
अमेरिकी थिंक टैंक अमेरिकन एक्शन फ़ोरम के व्यापार नीति विश्लेषक जैकब जेन्सेन का कहना है कि मेक्सिको और कनाडा पर लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ से अमेरिकी उपभोक्ताओं पर 120 बिलियन से 225 बिलियन डॉलर तक का अतिरिक्त कर भार पड़ सकता है। इसके अलावा, चीन पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ के कारण अमेरिकी उपभोक्ताओं को 25 अरब डॉलर तक का नुकसान हो सकता है।
टैरिफ बढ़ाने से व्यापारिक तनाव में वृद्धि
ट्रंप प्रशासन का चीन पर टैरिफ बढ़ाने का कदम अमेरिकी बाजार में अवैध दवाओं की आपूर्ति पर कड़ी नजर रखने का प्रयास है, लेकिन यह व्यापारिक तनाव को और बढ़ा सकता है। चीन ने संवाद के माध्यम से इस मसले को हल करने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन बढ़ते हुए टैरिफ से वैश्विक व्यापार और अमेरिकी उपभोक्ताओं पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
कनाडा के पीएम की चेतावनी
इस बीच, कनाडा के प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को चेतावनी दी है कि यदि चीन पर टैरिफ बढ़ाए गए, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसने अमेरिकी व्यापार नीति में और भी विवादों को जन्म देने की संभावना को जन्म दिया है।