पिछले कुछ समय से खाने-पीने के सामानों में थूकने जैसी घटाने तेजी से बढ़ी हैं। इनके विडियो भी अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं, जिसपर पुलिस कड़ा रुख भी अपना रही है। थूकने वालों में अधिकतर मुस्लिम समुदाय के लोगों के नाम सामने आए हैं। अब ऐसे थूकबाजों पर अदालत ने भी सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मेरठ में फैसला शुक्रवार (4 अप्रैल 2025) को नौशाद नाम के आरोपित को सजा सुनाई गई है।
यह मामला मामला मेडिकल थाना क्षेत्र के लक्खीपुरा इलाके का है, जहां 16 फरवरी 2021 को एक विवाह समारोह में तंदूर पर रोटियां सेंकते वक्त नौशाद ने जानबूझकर रोटियों में थूक मिला दिया था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही इलाके में हड़कंप मच गया था।
मेरठ की अदालत ने आरोपी नौशाद पर कार्रवाई करते हुए जुर्माना ठोका है। यदि जुर्माना अदा नहीं किया गया, तो आरोपी को 7 दिन की सजा भुगतनी होगी। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या दो के जज दिनेश कुमार ने यह फैसला सुनाया है। इसके साथ ही थूक जिहाद के मामले में अदालत की ओर से पहली बार सजा दी गई है। अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने 19 फरवरी को मेडिकल थाने में इस मामले की FIR दर्ज कराई थी।
पुलिस ने की थी त्वरित कार्रवाई
वीडियो के प्रमाण सामने आने के बाद पुलिस ने बिना देरी के नौशाद को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। शुरुआती जांच में आरोपी के खिलाफ रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) भी लगाया गया था, हालांकि बाद में इसे हटा लिया गया। करीब तीन महीने बाद आरोपी को जमानत मिल गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में नौशाद ने यह स्वीकार कर लिया कि उसने रोटी में थूक मिलाया था। नौशाद पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
पीड़ित पक्ष HC में जाएगा
फैसला आने के बाद सचिन सिरोही ने कोर्ट से निर्णय की प्रति हासिल कर ली है। उन्होंने कहा कि वे इस सजा से संतुष्ट नहीं हैं और आरोपी के खिलाफ कड़ी सजा दिलवाने के लिए अब हाईकोर्ट का रुख करेंगे। सिरोही ने दावा किया कि यह देश का पहला मामला है, जिसमें किसी ने रोटी में थूक मिलाकर परोसने का अपराध किया हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऊपरी अदालत में न्याय जरूर मिलेगा।