अवैध चर्च और कुकर्मी पादरियों के दंश को झेल रहे पंजाब में एक और गंभीर मामला सामने आया है। गुरदासपुर जिले में एक 22 वर्षीय युवती के साथ बलात्कार फिर दर्दनाक मौत ने सनसनी फैला दी है। युवती के परिवार ने आरोप लगाया है कि स्थानीय चर्च के पादरी जशन गिल ने उनकी बेटी के साथ न केवल बार-बार दुष्कर्म किया, बल्कि उसे गर्भपात के लिए भी मजबूर किया।
शनिवार (5 अप्रैल 2025) को ANI से बात करते हुए पीड़ित युवती के पिता ने बताया कि पादरी ने उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपना शिकार बनाया। पीड़िता के पिता ने अपनी पहचान गुप्त रखने की शर्त पर बताया, "हम अपने गांव अबुल खैर के चर्च में जाया करते थे। वहीं पादरी जशन गिल ने मेरी बेटी को झांसे में लिया। मेरी बेटी बीसीए की पढ़ाई कर रही थी और महज 22 वर्ष की थी। उसने मेरी बेटी का यौन शोषण किया, उसे गर्भवती कर दिया और बाद में खोखर गांव की एक नर्स से जबरन गर्भपात करवा दिया।"
लापरवाही में गया मासूम जीवन
परिवार का आरोप है कि गर्भपात के दौरान भारी लापरवाही बरती गई, जिसके चलते युवती के स्वास्थ्य में गंभीर गिरावट आ गई। पिता ने बताया, "गर्भपात के बाद मेरी बेटी को पेट में तेज़ दर्द की शिकायत हुई। जब अस्पताल में जांच कराई गई तो पता चला कि उसकी हालत गंभीर है। संक्रमण बढ़ जाने पर हमें उसे अमृतसर के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।"
पुलिस पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप, आरोपी अब भी फरार
पीड़ित पिता ने पुलिस पर भी मिलीभगत और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि आरोपी पादरी ने पुलिस अधिकारियों को रिश्वत दी है, जिस वजह से वह अब भी खुला घूम रहा है। पिता ने कहा, "यह घटना 2023 की है। पुलिस ने आज तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। उल्टा हमें लगातार धमकियां मिल रही हैं और अब हमें अपनी जान का भी डर सता रहा है।"
इंसाफ की लड़ाई: CBI जांच की मांग
इंसाफ के लिए लड़ रहे पिता ने पंजाब हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा, "मुझे कई बार धमकियां दी गईं, इस कारण मुझे अपना गांव भी छोड़ना पड़ा। मेरी बस यही मांग है कि मेरी बेटी को न्याय मिले। पंजाब पुलिस ने हमारी कोई मदद नहीं की।"
पहले भी चर्च से जुड़े मामलों में सजाएं
गौरतलब है कि इससे पहले भी पंजाब में चर्च से जुड़े ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। अप्रैल 2024 में मोहाली की एक अदालत ने पादरी बजिंदर सिंह को 2018 में हुए यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उस मामले में भी पीड़िता ने आरोप लगाया था कि प्रार्थना सभा के बाद उसके साथ दुर्व्यवहार हुआ और मारपीट की गई थी।