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यूपी एसटीएफ ने 6 साइबर ठगों को सरगना समेत किया गिरफ्तार, किराए पर खाता लेकर करते थे ठगी

यूपी एस०टी०एफ०, उत्तर प्रदेश को डिजिटल अरेस्ट, शेयर मार्केट/इनवेस्टमेंट, टास्क, गेमिंग, आदि तरीको से की जा रही साइबर ठगी में प्रयुक्त होने वाले कर्पोरेट बैंक खाते किराये पर लेकर संचालित करने वाले संगठित गिरोह के सरगना सहित 06 अभियुक्तों को लखनऊ से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई है।

Rajat Mishra
  • Mar 29 2025 7:41PM

इनपुट- ज्ञानेश लोहानी, लखनऊ

 
यूपी एस०टी०एफ०, उत्तर प्रदेश को डिजिटल अरेस्ट, शेयर मार्केट/इनवेस्टमेंट, टास्क, गेमिंग, आदि तरीको से की जा रही साइबर ठगी में प्रयुक्त होने वाले कर्पोरेट बैंक खाते किराये पर लेकर संचालित करने वाले संगठित गिरोह के सरगना सहित 06 अभियुक्तों को लखनऊ से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई है।
 
थाना साइबर काइम लखनऊ में एटेक्श इन्नोवेशन प्रा०लि० आईटी सैल्यूशन कम्पनी लखनऊ द्वारा साइबर ठगी का मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। इसके बाद कम्पनी का बैंक खाता बैंक द्वारा फ्रीज कर दिया गया । बैंक से पता करने पर पता चला कि यह साइबर ठगी का रूपया था जो कम्पनी के बैंक खाते में आया था। गिरफ्तार अभियुक्तों व गैंग के सरगना अब्दुल मलिक से पूछताछ में पता चला कि अब्दुल मलिक वर्ष 2017 में संतकबीर नगर से इंटरमीडिएट करने के बाद लखनऊ में नीट की तैयारी करने के लिए आया। 03 वर्षों तक प्रयास करने पर भी वह नीट में सफल नहीं हुआ। इसी बीच उसकी लखनऊ में कई लोगों से मित्रता हो गयी वह लखनऊ में रहने लगा। वर्ष 2022 में उसकी मुलाकात शुभम ठाकुर नामक व्यक्ति से हुई जो खुद को शेयर मार्केट का बडा ट्रेडर बताता था। 
 
शुभम ने मलिक को बताया कि उसके साथ काम करने व इनवेस्टमेंट करने पर वह रू 1 लाख पर 12 हजार रूपये प्रतिमाह की दर से फायदा देता है। फायदे के लालच में आकर मलिक द्वारा खुद से लोन लेकर लगभग 10 लाख रूपये व अपने जानने वालों के लगभग 50 लाख रूपये शुभम को ट्रेडिंग करने के लिए दिये गये। दो माह तक फायदा देने के बाद शुभम सारे रूपये लेकर भाग गया। कर्ज अधिक हो जाने व लोगों द्वारा अपना रूपया वापस मांगने के कारण मलिक द्वारा साइबर काइम कर रूपये कमाने का प्रयास किया जाने लगा। 
 
इसी क्रम में वर्ष 2024 में थाना छितवापुर में अब्दुल मलिक पर मुकदमा पंजीकृत हुआ जिसमें मलिक व उसके गिरोह द्वारा एनजीओ के माध्यम से लगभग 15 लाख रूपये की ठगी गयी थी। सितम्बर-2024 में मलिक की मित्रता लखनऊ के फरहान से हुई। फरहान ने मलिक को जैकी पूना व डेनियल काठमांडू नेपाल से सोशल मीडिया के माध्यम से जोडा और कम समय में साइबर काइम कर रूपये कमाने के लिए कार्पोरेट बैंक खातों की जानकारी व बैंक खाता धारकों को मैनेज कर उनके बैंक खातों की जानकारी साझा करने पर मोटा कमीशन देने की बात हुई। इसके बाद मलिक अपने मित्र आयुष मिश्रा, याशीन अहमद, सैयद आलिम, पुष्पेन्द्र सिंह आदि के साथ मिलकर ठगी का काम करने लगा।

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