उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से ईसाई धर्मान्तरण का मामला सामने आया है। यहाँ एक गाँव में भोले-भाले हिन्दुओं को ईसाई बनने का लालच दिया जा रहा था। इसी दौरान हिन्दू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी भी की जा रही है। विरोध करने पर एक युवक की पिटाई के साथ जान से मार डालने की धमकी भी दी गई। पुलिस ने केस दर्ज कर के अब तक 3 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना रविवार (23 मार्च 2025) की है।
यह घटना प्रतापगढ़ जिले के थानाक्षेत्र पट्टी की है। यहाँ के गाँव लबेदा में रहने वाले अजीत सिंह ने रविवार को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में उन्होंने बताया कि कुछ दिनों से उनके पड़ोसी मोनू के घर राम सकल यादव नाम के व्यक्ति का आना-जाना था। कई बार तो वह भीड़ ले कर पहुँच जाता था। तब लोग जोर-जोर से हिन्दू देवी-देवताओं पर अनर्गल टिप्पणी करते थे। इसी दौरान ग्रामीणों को जुटा कर ईसाई बनने का दबाव भी दिया जाता था।
23 मार्च (रविवार) को भी राम सकल यादव द्वारा यही हरकत दोहराई गई। जमा हुए लोगों को गुमराह करते हुए वह मोनू के घर में जोर-जोर से चिल्लाया, "तुम्हारे धर्म में कुछ नहीं रखा है। तुम्हारे देवी-देवताओं को कोई नहीं मानता। मूर्ति पूजा आडंबर है। यह पाखंडी और मूर्ख लोग करते हैं।" इसी दौरान राम सकल ने लोगों को ईसाई बन जाने पर सभी दुःख तकलीफें दूर होने और अच्छा पैसा व मकान मिलने जैसे लालच भी दे डाले। यहाँ फ्री इलाज करवाने जैसी बात भी कही जा रही थी।
शिकायतकर्ता ने अपनी तहरीर में धर्मान्तरण की इस सभा के मुख्य आयोजकों आयोजकों में मोनू और राम सकल यादव के अलावा सोनू का भी नाम लिखा है। दोपहर लगभग 2 से 3 बजे के बीच गाँव के अन्य लोग इस हरकत का विरोध करने पहुँचे। आरोप है कि तब उनकी बात मानने के बजाय आरोपितों ने उनसे हाथापाई की। अजीत को तो जान से मारने तक की धमकी दे डाली गई। दावा यह भी है कि आरोपितों ने अब तक कई गरीब लोगों को गुमराह कर के ईसाई बना दिया है।
विवाद बढ़ता देख कर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर मामले को शाँत करवाया। मोनू, सोनू और राम सकल यादव को पकड़ कर थाने लाया गया। इन सभी से पूछताछ की गई। पूछताछ में सभी आरोपितों की हरकतें पुलिस को संदिग्ध लगीं। आखिरकार तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया इन सभी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299, 115 (2) और 351 (2) के साथ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
24 मार्च (सोमवार) को न्यायिक अभिरक्षा में सोनू, मोनू और राम सकल यादव को जेल भेज दिया गया है। चौथे नामजद के तौर पर सुरेश कुमार दर्ज है। वह फिलहाल फरार है। पुलिस पूरे मामले में जाँच व अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई कर रही है। सुदर्शन न्यूज़ के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।