महाराष्ट्र के नागपुर में हुई हिंसा पहले से सुनियोजित थी, इस बात से पर्दा अब धीरे-धीरे हट रहा है। वहीं महाराष्ट्र में अवैध घुसपैठिए कितने बड़े नासूर है इसका भी प्रमाण देखने को मिल ही रहा है। हालिया कार्रवाई से पता चल है कि इसका कनेक्शन बांग्लादेश से जुड़ा हो सकता है। मुंबई में पुलिस ने एक बांग्लादेशी नागरिक को देश में अवैध रूप से रहने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
अधिकारियों ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है कि क्या उसका संबंध 17 मार्च को नागपुर में हुई हिंसा से है? क्राइम ब्रांच यूनिट II ने बुधवार (26 मार्च) को दादर इलाके से अजीजुल निजानुल रहमान (29) को हिरासत में लिया है। पुलिस को संदेह है कि वह हिंसा के समय नागपुर में मौजूद था।
फर्जी दस्तावेजों से बनाया आधार कार्ड
पुलिस के अनुसार रहमान नागपुर के हसनबाग इलाके का रहने वाला है और कुछ दिन पहले ही मुंबई आया था। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने जाली दस्तावेजों के सहारे आधार कार्ड बनवाया था। अधिकारियों ने बताया कि रहमान के मोबाइल फोन की टावर लोकेशन खंगाली जा रही है। इसके अलावा, नागपुर पुलिस के साथ भी इस गिरफ्तारी की जानकारी साझा की गई है।
नागपुर हिंसा का मामला क्या है?
छत्रपति संभाजीनगर जिले में मुगल शासक औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर विहिप और बजरंग दल के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान पवित्र शिलालेखों से जुड़ी चादर जलाने की अफवाहों के बाद नागपुर के कई इलाकों में हिंसा भड़क गई थी।
110 से ज्यादा गिरफ्तारियां
नागपुर पुलिस ने इस हिंसा के सिलसिले में अब तक 110 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुख्य आरोपी फहीम खान भी शामिल है। पुलिस इस मामले की तह तक जाने के लिए गहन जांच कर रही है।