उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार, 28 फरवरी को माणा गांव के पास हुए हिमस्खलन ने तबाही मचाई। बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) के तहत काम कर रहे 57 मजदूर बर्फ में दब गए। फिलहाल, ITBP और BRO की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं और अब तक 10 मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। SDRF और NDRF की टीम भी घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है, लेकिन खराब मौसम और बंद हाईवे के कारण रेस्क्यू में बाधाएं आ रही हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की सीएम धामी से बात
चमोली एवलांच पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा "आज जोशीमठ (उत्तराखंड) के माना क्षेत्र में दुर्भाग्यपूर्ण हिमस्खलन हुआ है, जिससे बीआरओ का जीआरईएफ कैंप प्रभावित हुआ है। स्थिति के बारे में सीएम पुष्कर सिंह धामी से बात की। प्रशासन प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। स्थानीय सेना इकाइयों द्वारा बचाव प्रयास भी जारी हैं। सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करके फंसे हुए कर्मियों को बचाने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं।"
CM धामी ने राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष में अधिकारियों के साथ की बैठक
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष में राज्य के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान सीएम धामी ने चमोली में माणा के पास हिमस्खलन की चपेट में आए 47 मजदूरों को बचाने के लिए चल रहे अभियान की प्रगति की समीक्षा की।
हादसे में फँसे लोगों को सुरक्षित निकालना हमारी प्राथमिकता- अमित शाह
उत्तराखंड के चमोली में हुए एवलांच पर गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा-"उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने के संदर्भ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, DG ITBP और DG NDRF से बात की। हादसे में फँसे लोगों को सुरक्षित निकालना हमारी प्राथमिकता है। स्थानीय प्रशासन बचाव कार्यों में पूरी तत्परता से लगा हुआ है। NDRF की दो टीमें भी जल्द ही घटना स्थल पर पहुँच रही हैं।
हिमस्खलन के बाद शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
चमोली में बद्रीनाथ धाम के पास माणा गांव के निकट रोड निर्माण कार्य चल रहा था, तभी अचानक हिमस्खलन हो गया। इसके चलते 57 मजदूर बर्फ में दब गए। घटना की सूचना मिलते ही BRO के जवानों ने बचाव कार्य शुरू किया। SDRF की टीम भी तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो गई। SDRF कमांडेंट के अनुसार, टीम के साथ उच्च ऊंचाई पर रेस्क्यू कार्य करने के लिए अन्य टीमों को भी तैयार किया गया है।