मेघालय के री-भोई जिले में पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन हाइनीवट्रेप नेशनल लिबरेशन काउंसिल (HNLC) के स्लीपर सेल का भंडाफोड़ किया. पुलिस ने इस संगठन के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही पुलिस ने हथियार और गोला-बारूद का जखीरा भी जब्त किया. दरअसल, पुलिस ने इन सभी को शिलॉन्ग के विवादित पंजाबी लेन इलाके में हुए आईईडी ब्लास्ट के सिलसिले में गिरफ्तार किया है.
जानकारी के अनुसार यह संगठन पड़ोसी देश बांग्लादेशी से अपनी अवैध गतिविधियों को अंजाम देता है. वहीं बुधवार को हुई इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक जगपाल धनोआ सिंह ने बताया कि री-भोई जिले में इन चार सदस्यों के साथ एचएनएलसी का झंडा भी मिला था जिसके बाद पुलिस ने हथियार, जिलेटिन की छड़ें, डेटोनेटर और इग्निशन फ्यूज भी जब्त किए.
जानकारी के लिए बता दें कि री-भोई जिले में 9 मार्च 2024 की रात को पंजाबी लेन इलाके में एक आईईडी विस्फोट हुआ था. इसमें एक व्यक्ति घायल भी हुआ था. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी. जिसके बाद पुलिस ने 11 मार्च को चार आरोपितों को गिरफ्तार किया था. जांच में पता चला था कि इन चारों आरोपितों में HNLC का सचिव टार्ज़न लिंबा भी शामिल है.
क्या है विवादित पंजाबी लेन मामला
बता दें कि लगभग 200 साल पहले ब्रिटिश आर्मी द्वारा कुछ सिखों को शिलॉन्ग लाया गया था. उन सिखों को वहां की साफ-सफाई का काम दिया गया था, जिसके बाद से ही इन सिखों ने अपने परिवार के लोगों के साथ पंजाबी लेन में रहना शुरू कर दिया था. कुछ समय बाद राज्य की सरकार द्वारा उनके सामने दूसरे हिस्से में रहने का प्रस्ताव रखा गया.
सिखों ने सरकार से मांग की थी कि उनके घरों के निर्माण की लागत वहन सरकार द्वारा ही की जाए. इसको लेकर सिखों ने गृहमंत्री अमित शाह को एक पत्र भी लिखा, जिसमें इन लोगों ने लिखा था कि सिखों के पुनर्वास की प्रक्रिया रोकने के लिए यह विस्फोट किया गया है.
बता दें कि साल 2018 में कथित तौर सिखों द्वारा एक बस ड्राइवर पर हमला किया गया था. जिसके बाद हिंसा भड़के से इलाके में एक महीने तक कर्फ्यू लगा रहा था. तभी से ही इस इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है.